पापा कहते थे, मां ज्वाला को नहीं छोड़ूंगा

ज्वालामुखी इलाके के एकांत में बसे गंजुए दा बाग के घर में रहने वाले बुजुर्ग दंपति में से धर्मवीर धर्माणी की तो मौके पर ही लुटेरों के हमले से मौत हो गई लेकिन इस घटना के बाद रात को उनकी पत्नी संतोष धर्माणी को होश न आता उनके साथ भी अनहोनी हो सकती थी। रात एक बजे हुई इस घटना से शहर के लोग स्तब्ध हैं।

प्रत्यक्षदर्शीयों के मुताबिक उन्हे संतोष देवी की चीखने की जोर जोर से आवाजें सुनाई दीं तो वे घर की ओर दौड़े। वहां पर बुजुर्ग धर्मवीर का शव पड़ा हुआ था। संतोष की टांग भी जल गई थी। बेडरूम में खून ही खून बिखरा पड़ा था। संतोष देवी अपनी सुध बुध खो बैठी हैं।

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